Sunday, 26 August 2018

curremt affaor 26 august 2018

खो-खो को एशियाई ओलंपिक परिषद की मान्यता* 


हाल ही में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारत के पारंपरिक खेल खो-खो को मान्यता प्रदान की है. इस निर्णय के प्रभाव में आने के बाद खो-खो को एशियन इंडोर गेम्स में प्रदर्शनी खेल के तौर पर शामिल किया जाएगा|

एशियाई ओलंपिक परिषद

यह एशिया में खेलों की सर्वोच्च संस्था है और एशिया के 45 देशों की राष्ट्रीय ओलंपिक समितियाँ इसकी सदस्य हैं|

इसका मुख्यालय कुवैत में है|

इसके वर्तमान अध्यक्ष शेख फहद अल-सबा हैं|

खो-खो मैदानी खेलों के सबसे प्राचीनतम रूपों में से एक है जिसका शुरुआत प्रागैतिहासिक भारत में हुई मानी जाती है। मुख्य रूप से आत्मरक्षा, आक्रमण व प्रत्याक्रमण के कौशल को विकसित करने के लिए इसकी खोज हुई थी।


सन् 1914 में डेक्कन जिमखाना पूना द्वारा इस खेल में प्रारंभिक नियमों का प्रतिपादन किया गया था। ऐसी मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति महाराष्ट्र से हुई|


*विश्व बैंक ने विश्व का पहला ब्लॉकचेन बॉण्ड लॉन्च किया*



विश्व बैंक ने डिजिटल अर्थव्यवस्था की दुनिया में सबसे क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पहली बार ब्लॉकचेन जारी किये हैं।

 पब्लिक के लिये जारी होने वाला यह अपनी तरह का पहला बॉण्ड है, जिसका पूरा संचालन ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगा।

योजना का प्रबंधन करने वाले कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक इन बॉण्ड को दो वर्षों के लिये जारी किया जाएगा।
विश्व बैंक ने इस डिजिटल बॉण्ड को बॉन्डी नाम दिया है।


 क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) की तरह होगी ब्लॉकचेन बॉण्ड तकनीक

ब्लॉकचेन बॉण्ड की तकनीक काफी हद तक क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) से मिलती जुलती है ।


लेकिन ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक की मदद से जारी होने वाला ब्लॉकचेन बॉण्ड बाकायदा असली मुद्रा ऑस्ट्रेलियन डॉलर का होगा।
पूरी तरह विकसित वित्तीय ढ़ाँचे वाले ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में इस बॉण्ड का परीक्षण सबसे मुफीद माना जा रहा है।


यहाँ विदेशी निवेशक पैसे लगाने में सहज भी महसूस करते हैं और ऑस्ट्रेलियन डॉलर में खरीद-फरोख्त पर भरोसा भी रखते हैं, जो दुनिया की सबसे ज़्यादा व्यापार की जाने वाली करेंसी में से एक है।


वैसे तो इस बॉण्ड को ब्लॉकचेन तकनीक पर जारी किया गया है, लेकिन इसके लिये भुगतान अभी चल रहे स्विफ्ट सिस्टम से भी किया जा सकता है।


*निजी केमिस्ट को ऑक्सीटोसिन की बिक्री की अनुमति*

हाल ही में केंद्र सरकार ने निजी खुदरा रासायनविदों अथार्त प्राइवेट केमिस्ट्री को 1 सितंबर से ऑक्सीटोसिन बेचने की अनुमति दे दी है।

👉 ध्यातव्य है कि 27 अप्रैल 2018 को जारी एक अधिसूचना में कहा गया था कि 1 जुलाई से प्राइवेट केमिस्ट ऑक्सीटोसिन की बिक्री नहीं कर सकेंगे परंतु ऑक्सीटोसिन की आपूर्ति में आ रही कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस प्रतिबंध के क्रियान्वयन की तारीख को 1 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया था।

ऑक्सीटोसिन

👉 ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है जो मस्तिष्क में अवस्थित पिट्यूटरी ग्रंथि से स्त्रावित होता है।

👉 मनुष्य में व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण ऑक्सीटोसिन को Love हार्मोन व Joy  हार्मोन आदि नामों से भी जाना जाता है।

👉 गर्भवती महिलाओं के प्रसवोत्तर रक्तस्त्राव (postpartum hemorrhage - PPH) की रोकथाम और इलाज के लिए ऑक्सीटोसिन दी जाती है विश्व स्वास्थ संगठन द्वारा प्रदत जानकारी के अनुसार यह दुनिया भर में मातृ मृत्यु  दर का प्रमुख कारण होती है।

👉 डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में मातृ मृत्यु के लगभग 35% के लिए यही पीपीएच जिम्मेदार होता है

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